होम लोन इंश्योरेंस क्या है What is Home Loan Insurance

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Home Loan Insurance हो सकता है सुनने में थोड़ा अलग लग रहा हो लेकिन, अब सभी तरह के लोन का भी इन्शुरन्स होता है. जिसमें से होम लोन इन्शुरन्स सबसे आगे है. Home Loan की रकम बहुत बड़ी होती है इसीलिए इसका इन्शुरन्स करवाना बहुत जरूरी है. कई ऐसी इन्शुरन्स कंपनी है जो Home Loan Insurance करती है.

Home Loan Insurance

इंसान अपनी पूरी जिंदगी “रोटी, कपड़ा और मकान” पाने की जद्दोजहद में निकाल देता है. रोटी और कपड़ा, यूं तो आसानी से हर किसी को मिल जाता है, पर मकान के मामले में ऐसा कहना थोड़ा मुश्किल है. एक ऐसा वक़्त था जब चारो ओर बस बियाबान हुआ करता था, लोग कहीं भी जाकर बस जाते थे, फिर समय के साथ जनसंख्या बढ़ती गई और इंसान का प्रसार होता गया. विज्ञान का कुछ अविष्कार पैदावार बढ़ा दिया जिस खेत में पहले पांच (5) टन अनाज पैदा होता था आज उसी खेत में पचास (50) टन अनाज पैदा होने लगा लेकिन पृथ्वी का क्षेत्रफल नहीं बढ़ा आज भी उतना है है.

बदलते वक़्त और बढ़ती आबादी के साथ रहने के लिए मकान मिलना काफी मुश्किल हो गया है और अब तो हालात यूं है साहब कि आम इंसान के लिए मकान खरीदना एक सपने जैसा हो गया है. मैंने कई लोगों को देखा है जो अपनी पूरी जिंदगी एक मकान की कीमत जुटाने में ही गुजार दी. पर अब के समय में कई तरह के Home Loan मार्केट में आपको मिल जायेंगे. इन होम लोन की मदद से कोई भी व्यक्ति आसान किश्तों में अपना मकान खरीद सकता है. इनकी स्कीम काफी हद तक आसान होती है. ये मकान की कीमत पर ब्याज दर लगाकर एक निश्चित समय अवधि के हिसाब से किश्ते बना देते हैं. जिसे आपको हर महीने लौटना होता है.

होम लोन की समय सीमा बहुत ज्यादा होती है, कई बार तो यह 20 से 30 साल तक होती है. बीस साल एक बहुत बड़ी समय सीमा है, सोचिए अगर इन बीस सालों में लोन लेने वाले व्यक्ति को कुछ हो जाता है, यदि किसी कारणवश उसकी मृत्यु हो जाती है. तो अब तक उसने जो पैसे जमा किया वह भी गया और मकान भी गया. बैंक जिससे होम लोन लिया गया है उनके नियम बड़े सख्त हैं और अपने नियम के अनुसार वह मकान पर अधिकार कर लेती है. कुछ बैंको के नियमानुसार माकन तुरंत गिरवी रख लिया जाता है और कुल रकम एकबार में चुकता न करने पर माकन की नीलामी भी कर दी जाती है. कुछ बैंको के नियम अनुसार किश्तों को बढ़ा दिया जाता है. हर हाल में लोन लेने वाला व्यक्ति चारो ओर से घिर जाता है और उसके आँखों के सामने उसका धन लुट रहा होता है.

Home Loan Insurance Kya Hai?

परिवार का मुखिया जो एक मात्र कमाने वाला व्यक्ति है और अब वो नहीं रहा तो परिवार के लिए दो वक़्त का खाना ही कठिन हो जाता है. मकान की किस्तें चुकाना तो बहुत दूर की बात है। ऐसी नौबत आने पर परिवार को अपने घर से वंचित होना पड़ सकता है. ऐसे हालातों के लिए होम लोन इंश्योरेंस (Home Loan Insurance) लेना काफी ज्यादा सहायक माना गया है. लोगों में ये गलत धारणा है कि होमलोन एक जटिल प्रक्रिया है और ऐसे में होमलोन इंश्योरेंस  इस प्रक्रिया को और जटिल बना देता है पर होमलोन इंश्योरेंस  कराना काफी फायदेमंद और आसान है. आइए समझते हैं कैसे?

होम लोन की सुरक्षा के लिए ली जाने वाली बीमा पॉलिसी व्यक्ति को मृत्यु या विकलांगता की वजह से अपना बकाया होम लोन चुकाने में मदद करती है. इसके तहत आपका बकाया होम लोन बीमा कंपनी चुकाती है.” अब जबकि होमलोन के साथ होमलोन इंश्योरेंस लेना इतना फायदेमंद है तो आखिर सवाल उठता है इसे लिया कहाँ से जाए? क्या होमलोन और इंश्योरेंस एक ही बैंक से कराएं, या दोनों अलग अलग. इस पर आपको हर किसी की अलग अलग विचारधारा मिलेगी. कुछ लोग यह तर्क देंगे कि यदि आप दोनों अलग जगह से लेते हो तब एक जगह की खराब गुणवत्ता के कारण आपको, दूसरी जगह भी परेशान में डाल सकती है. एक ही संस्था से इंश्योरेंस और होमलोन लेने के कई फायदे हैं.

Home Loan Insurance Benefit

  • यदि आप दोनों काम एक ही संस्था से कराते है तब आपको अलग अलग संस्थाओं के चक्कर नहीं लगाने होंगे. जिस बैंक से आपने होमलोन लिया था, आपकी बाकी की औपचारिकताएं भी वही बैंक पूरी कर देगा. इस तरह ये प्रक्रिया काफी आसान हो जायेगी.
  • बैंक या वित्तीय संस्थान होम लोन देने के साथ आपके प्रीमियम की अदायगी इंश्योरेंस कंपनी को कर देगा. इस तरह आपको अलग से प्रीमियम भरने की जरूरत नहीं होगी.
  • अलग से इंश्योरेंस खरीदने के मुकाबले यह प्रक्रिया ज्यादा आसान है.
  • जरूरत पड़ने पर आपका बैंक आपके परिवार को दावा करने (आवेदन प्रक्रिया पूरी करने तथा आवश्यक कागजात लगाने) में मदद करेगा.
    अब इतना सब जानने के बाद, यह अति आवश्यक है कि होम लोन इंश्योरेंस  पेपर पर हस्ताक्षर (Signature) करने से पहले उसकी शर्तों को बारीकी से  पढ़ लें, समझ लें और साथ ही यह भी समझ लें कि क्या फायदे और कितना अपेक्षित नुकसान आपको होमलोन से हो सकता है.
  • दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों के विरुद्ध सुरक्षा, एक साधारण बीमा आपको आग से सुरक्षा प्रदान कर सकता है, परंतु एक जीवन बीमा आपको मृत्यु व विकलांगता के विरुद्ध कवर करता है.
  • प्रीमियम भुगतान में लचीलापन, एकमुश्त एकल प्रीमियम आपके होम लोन की अवधि तक सुरक्षा प्रदान करता है. यह दीर्घकाल में सस्ता पड़ता है दूसरी ओर नियमित प्रीमियम भुगतान के प्लान आपकी जेब पर तो आसान पड़ सकते हैं, परंतु नियत तिथि पर प्रीमियम न भरना महंगा पड़ सकता है.
  • होम लोन से संबद्धता, निर्माणाधीन मकान के लिए लोन का भुगतान चरणबद्ध ढंग से किया जाता है. बीमा कवर कम से कम मंजूर होम लोन के बराबर राशि और अवधि के लिए होना चाहिए ताकि न केवल मकान पूरा बन जाए, बल्कि आपके परिवार को समय पर मिल भी जाए.
  • होम लोन अवधि में सुरक्षा, हो सकता है कि समय से पहले होम लोन अदा करने की उम्मीद में आप कम राशि और अवधि का बीमा कवर लेना चाहें, परंतु याद रखें यदि आपकी पॉलिसी आपके आवास ऋण से पहले खत्म हो गई तो आपको नया होम लोन कवर लेना पड़ सकता है. उस हालत में आपको काफी अधिक प्रीमियम चुकाना पड़ सकता है.

Home Loan Insurance Vs Term Plan

क्या इन परिस्थितियों से जूझने के लिए होमलोन इंश्योरेंस से बेहतर भी कुछ है कुछ एक्सपर्ट ये भी मानते हैं कि यदि होम लोन इंश्योरेंस का प्रीमियम ज्यादा है तो उसकी जगह टर्म प्लान लेना ज्यादा फायदेमंद रहता है. इसे इस उदाहरण से समझा जा सकता है कि मान लीजिए आप 25 लाख रुपये का होम लोन ले रहे हैं. ऐसे में उसके इंश्योरेंस के लिए एकमुश्त मोटी रकम चुकाना होता है. ये राशि तकरीबन 80-90 हजार रुपये होती है. ये राशि लोन ली गई राशि में ही जुड़ी रहती है जिसपर होमलोन के बराबर ही ब्याज वसूला जाता है। यानी अगर आप ये इंश्योरेंस लेते हैं तो आपके होनलोन की ईएमआई तकरीबन 900 रुपये प्रतिमाह तक बढ़ जाती है. कुछ एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर ये इंश्योरेंस लेने की बजाय 50 लाख रुपये का टर्मप्लान ले लिया जाए तो वो ज्यादा फायदेमंद है।

ऐसा इसलिए क्योंकि जितने रुपये महीने के खर्च में 25 लाख के होम लोन का इंश्योरेंस हुआ है, उतने में 50 लाख रुपये का टर्म प्लान मिल जाएगा. होम लोन के इंश्योरेंस में तो कर्जधारक की मौत होने पर सिर्फ लोन से मुक्ति मिलती है लेकिन अगर 50 लाख का टर्मप्लान ले लिया जाए तो उससे न सिर्फ होम लोन की बची हुई रकम चुकाई जा सकती है बल्कि उसके अलावा भी मोटी रकम कर्जधारक के परिवार के हाथ आ जाती है जो उसके लिए संकट की इस स्थिति में बड़ी मदद साबित होती है. इसके अलावा कई कंपनियां आज टर्म प्लान के साथ होम लोन को कवर करने की सुविधा भी देती है. ऐसे में होम लोन इंश्योरेंस कराने की जरूरत ही खत्म हो जाती है. इसलिए अगर आप भी होम लोन ले रहे हैं तो पहले टर्मप्लान सहित उसके दूसरे विकल्पों के बारे में  भी जानकारी जुटा लें और फिर कोई फैसला करें.

होम लोन वास्तव में इनकम टैक्स बचाने का बेहतरीन विकल्प है. होम लोन की मासिक किस्त (EMI) के मूलधन के हिस्से पर इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80C के तहत टैक्स लाभ प्राप्त किया जा सकता है. HLPP में क्योंकि प्रीमियम की रकम भी लोन में ही शामिल होती है, इसलिए इस पर अलग से टैक्स लाभ नहीं लिया जा सकता. टर्म प्लान में आप सालाना प्रीमियम पर अलग से टैक्स लाभ पा सकते हैं.

Conclusion Home Loan Insurance

जीवन बीमा, फसल बीमा, शिक्षा बीमा, कन्या शादी बीमा की तरह यह भी एक बीमा है. इसमें लोन रकम का बीमा मिलता है. कर्ज धारक यदि कर्ज लौटा पाने की स्थिति में नहीं है (विकलांग / मृत्यु) तो यह बीमा कंपनी उसका मासिक क़िस्त चुकती है. एक मध्यम परिवार के लिया यह बहुत अच्चा विकल्प है. इस जानकारी से संबंधित अन्य किसी मदद के लिए कमेंट बॉक्स में जरूर कमेंट करें.

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